इस घटना के दो पक्ष हो सकते है , झाड़ू लगाने वाले बच्चे जिनकी आज्ञा में झाड़ू लगा रहे है वो गुरु आज्ञा का पालन करने की भावना से लगा रहे है , दूसरा झाड़ू लगाने के बाद हो सकता है बच्चो को उचित शिक्षा व् प्यार दुलार भी मिले क्योंकि झाड़ू लगवाना किसी से जबरदस्ती सम्भव न हो ! इसीलिए ये झाड़ू लगवाना जरूरी नही गलत हो निजी रूप से बताऊँ मैंने भी स्कूल व् ट्यूशन में झाड़ू लगाये है और होस्टल में भी ताकि मेरा माहौल साफ सुथरा हो !
दूसरा पक्ष ये हो सकता है कि मैडम शिक्षिका जी बच्चो से सिर्फ झाड़ू लगवाती हो और अपना काम निकलवाती हो , पढ़ाती न हो , लेकिन एक अधूरे विडिओ में ये सब बता पाना सम्भव न है ,य तो कोई कमेटी गठन करने के बाद जो पूछताछ होगी तभी पता लगेगा कि ये शिक्षिका और बच्चो के दिनचर्या क्या है और कितना वक्त ये पढाती है और कितना ये झाड़ू लगवाती है !
मेरी राय में इस घटना को दर्शाने के पीछे एक बेहूदी सोच है , क्योंकि पत्रकार महोदय चाहते तो उस शिक्षिका से बात करके इस घटना पर पूरा वर्णन जान सकते थे , सहायता कर सकते थे य बातचीत करके ये पता लगा सकते थे कि बच्चो से झाड़ू लगाने का क्या आशय है ! क्या बच्चो को निकम्मा बना दो ? क्या स्वच्छता अभियान की बाते य जापान के स्कूल शिक्षा में जो बातें बताई जाती है वो अगर बच्चो से करने के लिए बोला जाये तो गलत है ? अच्छा पेश करने का जो तरीका ट्विटर पर इन्होने किया है वो साफ दर्शाता है कि इन्हें व्यक्तिगत मान सम्मान और शिक्षिका के छवि से कोई मतलब नही कि इसका क्या परिणाम होगा ! खुद को पत्रकार और मीडिया जगत के अंतर्गत खुद को बतलाने वाले ये भूल जाते है कि इस तरह के आपत्ति के लिए आपको शिकायत करना चाहिये न कि दूसरे के मान सम्मान को ठेस पहुंचाकर उसपर शाबाशी लेनी चाहिए ! ये सिर्फ अलीगढ नही लगभग पूरे देशभर के स्कूल की ये हालत हो सकती है पर पत्रकार महोदय को सिर्फ अलीगढ का हाल दिखाना था ! अच्छी बात है पर क्या आप बता सकते है कि टीचर कितने कम है भारत में और क्यों वो टीचर नही बनना चाहते ? जो टीचर है अगर उसको भी ऐसे हतोत्साहित करोगे तो वो दोबारा क्या पढ़ाने की हिम्मत कर पायेगा जरा सोचकर देखिएगा !
ट्विटर पर आपने कैप्शन में लिखा है कि ऐसे कैसे पढ़ेगा और बढ़ेगा इंडिया तो मै आपको बताता हूँ इडिया पढ़ेगा भी और लिखेगा भी पर उसमे बस आपके वर्ग शामिल शायद न हो पाए क्योंकि आपकी भूमिका उन निंदक व् झाड़ू की तरह होगी जो गंदगी साफ करते करते खुद खत्म य नाश को प्राप्त होते है !
आप के लिए ये एक ब्रेकिंग न्यूज़ य खबर होगी पर इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे कभी सोचा है आपने ? टीचर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है और आप कभी उच्च अधिकारी य नेता मंत्री य व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई रिसर्च क्यों नही करते ! ऐसी बचकाना और शरारती रिपोर्टिंग करके आप लोगो का ध्यान जरुर खीच सकते है पर समाज में आपकी योगदान को सराहा नही कोसा मात्र जायेगा ! जरा चिन्तन जरुर करना आप मेरी बात का !
कृपया सकारात्मक पत्रकारिता करे य एक गुरु को ढूंढे जो आपको कुछ भी खबर बनाने की प्रेरणा दे ! ऐसी खबर दिखाकर आप केवल बैर लेंगे और कुछ नही !
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